Facebook SDK

0 की खोज किसने की, शून्य का आविष्कार किसने किया था? खोज अविष्कार के बारे में आज हम बात करेंगे.
शुन्य एक अंक है. जीरो का उपयोग गणित और व्यवहार में  महत्र्वपूर्ण होता है.

0 की खोज कब हुई


जीरो की कुछ विशेषताए :

किसी भी वास्तविक संख्या को जीरो के साथ गुना करने पर हमे जीरो ही मिलता है.
किसी भी वास्तविक संख्या में जीरो को ऐड करने पर या घटाने पर वही संख्या हमे मिलती है. याने कुछ भी असर नही होता है.

जीरो की खोज :

जीरो की खोज को लेकर बहुत से कथाए है. लेकिन जीरो को खोज किसने और कब की इसके बारे में सच में किसी को पता नहीं है.

लेकिन शुन्य को लेकर भारत में कहानी प्रचलित है, की शुन्य का अविष्कार भारत में हुआ. कहा जाता है की पहली बार जीरो का अविष्कार बाबिल में हुआ और दूसरी बार माया सभ्यता के लोगो ने किया एसा कहा जाता है. लेकिन ए दोनों अविष्कार सख्याप्रणाली को प्रभावित करने में असफल रहे, इसलिए लोग इसे भूल गए.

सन 498 में भारतीय गणितज्ञ एवं खगोलवेत्ता आर्यभट्ट ने इसका अविष्कार किया ये भी कहा जाता है.

भारत में जिसे शुन्य कहा जाता था, अरब में इसको ‘सिफर’ याने खाली कहा जाता था. लैटिन, इतलियन , फ्रेंच से होते हुए इसको इंग्लिश में जीरो कहने लगे.

सोशल मीडिया पर एक सवाल बहुत प्रचलित हुआ था की,

अगर शुन्य का अविष्कार 5 वी सदी में आर्यभट्ट ने किया था, तो फिर हजारो वर्षो पुराना रावण जिसके 10 सर थे, वो कैसे गिने गए.
इसका अलग अलग प्रकार लोगो ने तर्क वितर्क लगा कर जवाब भी दिया.

जीरो से लेकर इन्टरनेट पर कई लेख, कहानियाँ हम पढ़ने को मिलेगी. लेकिन सच में कोई भी नहीं जानता की जीरो याने शुन्य की खोज किसने और कब की.

अगर आप भी इस बारे में कुछ सोचते है, कुछ बताना चाहते है, तो निचे कमेंट कर के हम से जानकारी शेयर कर सकते है.


Post a Comment

Previous Post Next Post